🍲 बावर्ची (भाग 1 & 2): काम की बात, बिना किसी बकवास के!
अल्फा कॉमिक्स की यह सीरीज़ कोई शरीफ़ों वाली कॉमिक्स नहीं है। अगर डोगा (Doga) या द पुनिशर (The Punisher) जैसे एंटी-हीरो पसंद हैं, तो भाई यह आपके लिए ही बनी है!
📖 कहानी में क्या मसाला है?
- प्लेट नंबर 1 (भाग 1): नार्क सिटी की अंधेरी टनल में ‘छोटू बावर्ची’ रहता है, जो गरीबों को खाना खिलाता है। लेकिन जब शहर के गुंडे (हीरालाल और कंपनी) गरीबों पर अत्याचार करते हैं, तो छोटू का दिमाग घूम जाता है। फिर वो रसोई के हथियारों और मसालों से गुंडों का ऐसा ‘कीमा’ बनाता है कि देखकर मज़ा आ जाता है।
- हाफ प्लेट (भाग 2): यहाँ एंट्री होती है ‘डेथ स्ट्रीमर’ नाम के एक साइकोपैथ की, जो डार्क वेब पर लोगों को तड़पा-तड़पा कर मारता है और लाइव स्ट्रीम करता है। अब छोटू को मिलते हैं उसके पूर्वजों के बुलेटप्रूफ ‘वार शेफ’ सूट और टाइटेनियम मास्क। नया रूप लेकर बावर्ची लाल मिर्च और धारदार औज़ारों के साथ विलेन की ऐसी चटनी बनाता है कि देखने लायक है!
💥 क्या चीज़ें फाड़ू (Awesome) हैं?
- एकदम डार्क और हिंसक (Gore): खून-खराबा, मसालेदार एक्शन और कत्लेआम पूरा ठूस-ठूस कर भरा है। बच्चों के लिए बिल्कुल नहीं है!
- सुपरहीरो वाला लुक: भाग 2 में बावर्ची का जो सूट और मास्क वाला लुक आता है, वो एकदम ज़बरदस्त है।
- आर्टवर्क और डायलॉग्स: ड्राइंग एकदम कड़क है और डायलॉग्स में पूरा देसी टौश है—“जिंदगी हाफ प्लेट है, लेकिन सबको फुल चाहिए।”
⚠️ कहाँ थोड़ा झोल है?
- कहानी में बहुत सारी चीज़ें एक साथ डाल दी हैं—मेयर की राजनीति, डार्क वेब, नार्क परिषद, आदमखोर चूहों की अफ़वाह… कभी-कभी लगता है कि थोड़ा ज़्यादा रायता फैल गया है।
🎯 फाइनल वर्डिक्ट
पढ़नी चाहिए या नहीं?
अगर आपको डार्क, सस्पेंस और तगड़ा एक्शन पसंद है, तो आँख बंद करके ले लीजिए! पहला भाग प्लॉट सेट करता है और दूसरा भाग तो पूरा बवंडर है।
- रेटिंग: 4 / 5 Stars ⭐⭐⭐⭐
- अगले पार्ट ‘द मीट प्लैटर’ का इंतज़ार रहेगा!







