भारतीय कॉमिक्स का ग्लोबल धमाका! Westland Books और फ्रांस सरकार की नई ‘डेसिबेल’ पहल

भारतीय कॉमिक्स का ग्लोबल धमाका! Westland Books और फ्रांस सरकार की नई 'डेसिबेल' पहल

भारतीय कॉमिक्स इंडस्ट्री में क्रांति: क्या है भारत और फ्रांस की नई ‘Desibel’ पहल?

हैलो कॉमिक्स लवर्स! अगर आप भारतीय कॉमिक्स, ग्राफिक नोवेल्स और एनिमेशन के दीवाने हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी और एक्साइटिंग खबर है। भारत और फ्रांस ने मिलकर एक ऐसी शुरुआत की है, जो हमारे देश के कॉमिक्स और क्रिएटिव सेक्टर (AVGC-XR) की पूरी तस्वीर बदलने वाली है।

इस मेगा प्रोजेक्ट का नाम है— ‘Desibel’ (डेसिबेल) Initiative!

आइए जानते हैं कि यह पहल क्या है और इससे भारतीय कॉमिक्स इंडस्ट्री और नए कलाकारों को क्या फायदा होने वाला है।


क्या है ‘Desibel’ पहल?

अगस्त 2026 में, भारत में फ्रांस के दूतावास (Embassy of France) और फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया (IFI) ने मिलकर ‘Desibel’ प्रोजेक्ट को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया है। यह कई सालों तक चलने वाला एक जॉइंट प्रोजेक्ट है, जिसका मकसद भारतीय क्रिएटिव टैलेंट को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर ले जाना है। इस प्रोजेक्ट को शुरुआत में दो साल का बड़ा ग्रांट (फंड) मिला है, जिससे कॉमिक्स, एनिमेशन और गेमिंग के क्षेत्र में नए रास्ते खोले जा सकें।


कॉमिक्स फैंस के लिए इसमें क्या है खास?

इस पूरी पहल में कॉमिक्स और ग्राफिक नोवेल्स को सबसे ज्यादा अहमियत दी गई है। इसके तहत दो बड़े काम हो रहे हैं:

1. 24 भारतीय कलाकार रचेंगे इतिहास (Lattis Imprint)

मशहूर पब्लिशर Westland Books इस प्रोजेक्ट के तहत एक खास कॉमिक्स विंग संभाल रहा है। इसके तहत:

  • 24 भारतीय कलाकारों और इलस्ट्रेटर्स को चुना गया है।
  • ये कलाकार दुनिया के क्लासिक साहित्यों (Literary Classics) को ग्राफिक नोवेल्स (Graphic Novels) के रूप में ढालेंगे।
  • इन शानदार कॉमिक्स को Westland के नए इम्प्रिंट ‘Lattis’ के तहत पब्लिश किया जाएगा।
  • इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारतीय आर्टिस्ट्स का काम सीधे इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंचेगा।

2. हर गली-मोहल्ले तक पहुंचेगी कॉमिक्स (Kutumb & FLN)

कॉमिक्स पढ़ने के कल्चर को दोबारा जिंदा करने के लिए Kutumb Foundation और Free Libraries Network (FLN) मिलकर जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं:

  • देश की लोकल लाइब्रेरीज़ में खास कॉमिक्स सेक्शन बनाए जा रहे हैं, जहाँ 100 से ज्यादा क्षेत्रीय भाषाओं (Regional Languages) की कॉमिक्स उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • लाइब्रेरी चलाने वालों (Librarians) को ट्रेनिंग दी जाएगी कि वे बच्चों और युवाओं में कॉमिक्स पढ़ने की आदत को कैसे बढ़ावा दें।
  • कॉमिक्स पर आधारित नाटकों (Drama) और रीडिंग इवेंट्स का आयोजन किया जाएगा।

सिर्फ कॉमिक्स ही नहीं, एनिमेशन और गेमिंग में भी धमाका!

‘Desibel’ सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है। Aniverse & Visual Arts Foundation (AVAF) के साथ मिलकर यह पहल भारतीय एनिमेटर्स और गेम डिजाइनर्स को भी आगे बढ़ा रही है। अब भारतीय क्रिएटर्स को फ्रांस के मशहूर ‘Annecy Festival’ जैसे बड़े ग्लोबल इवेंट्स में अपने प्रोजेक्ट्स पिच करने का सीधा मौका मिलेगा।


ComicsLelo का नज़रिया (Conclusion)

भारतीय कॉमिक्स इंडस्ट्री के लिए यह एक ‘गोल्डन एरा’ (सुनहरा दौर) साबित हो सकता है। जहाँ एक तरफ हमारे लोकल आर्टिस्ट्स को ग्लोबल पहचान मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्रीय भाषाओं में कॉमिक्स आने से नए पाठकों की संख्या बढ़ेगी। हम ComicsLelo पर इस प्रोजेक्ट से आने वाली हर एक ग्राफिक नोवेल और अपडेट पर नज़र बनाए रखेंगे!


क्या आप ‘Lattis’ इम्प्रिंट के तहत आने वाली कॉमिक्स को पढ़ने के लिए एक्साइटेड हैं? आपको क्या लगता है, इस पहल से भारतीय कॉमिक्स को कितना फायदा होगा? हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं!


Scroll to Top