कॉमिक्स की दुनिया से

71amlमहात्मा गांधी पर बनी Indian Comics और Graphic Novels की कहानी जानिए—Amar Chitra Katha से Gandhi Katha, Campfire और Scholastic तक, अलग-अलग publishers ने गांधी को comics में कैसे प्रस्तुत किया।
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महात्मा गांधी की कहानी भारत के इतिहास की उन कहानियों में है जिसे किताबों, फिल्मों, टेलीविजन और कला के अलावा कॉमिक्स ने भी अपने तरीके से बताया है। लेकिन गांधी को कॉमिक्स में प्रस्तुत करना किसी सामान्य historical character की biography को panels में बदल देने जितना आसान नहीं था। उनका संघर्ष हथियारों और युद्ध के बजाय सत्याग्रह, अहिंसा, राजनीतिक आंदोलन और जनभागीदारी पर आधारित था। ऐसे में comics जैसे visual medium में गांधी की कहानी को रोचक बनाए रखते हुए उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व को प्रस्तुत करना अपने आप में एक अलग चुनौती बन जाता है।

भारतीय comics में गांधी की मौजूदगी का इतिहास भी एक ही publisher या एक ही किताब तक सीमित नहीं है। Amar Chitra Katha, Publications Division, Campfire और Scholastic India जैसे अलग-अलग publishers ने अलग समय पर गांधी के जीवन को comic या graphic-novel format में प्रस्तुत किया है। इन publications को साथ रखकर देखने पर यह समझना दिलचस्प हो जाता है कि अलग-अलग दौर में गांधी की कहानी को किस तरह visual form दिया गया।

Amar Chitra Katha ने गांधी पर दो अलग comics बनाईं
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गांधी पर भारतीय comics की चर्चा हो और Amar Chitra Katha का नाम न आए, ऐसा मुश्किल है। 1989 में Amar Chitra Katha ने गांधी पर दो अलग issues प्रकाशित किए—Mahatma Gandhi I: The Early Days और Mahatma Gandhi II: Father of the Nation। इनकी पहचान क्रमशः ACK #414 और #416 के रूप में दर्ज है।

इन दोनों comics पर बाद में academic research भी हुई। Karline McLain के 2007 के शोध Who Shot the Mahatma? Representing Gandhian Politics in Indian Comic Books में इन्हीं गांधी comics को आधार बनाकर यह देखा गया कि गांधी की अहिंसा और राजनीतिक विचारों को comics की visual language में किस तरह प्रस्तुत किया गया। शोध का एक महत्वपूर्ण सवाल यही था कि ऐसी medium, जो अक्सर action और conflict से जुड़ी होती है, उसमें एक ऐसे नेता को कैसे चित्रित किया जाए जिसकी सबसे प्रसिद्ध राजनीतिक तकनीक non-violent civil resistance थी।

यहाँ एक दिलचस्प publishing detail भी है। Amar Chitra Katha की freedom-struggle series में गांधी से संबंधित विषयों के लिए अलग volumes की योजना बनाई गई थी, लेकिन अंततः वे उसी रूप में प्रकाशित नहीं हुए और 1989 में गांधी पर दो अलग comics के रूप में सामने आए। उपलब्ध historical records इस बदलाव को दर्ज करते हैं।

गांधी को comic character बनाना इतना अलग क्यों था?

कॉमिक्स में कहानी को आगे बढ़ाने के लिए action, confrontation और visual movement का इस्तेमाल आसानी से किया जा सकता है। लेकिन गांधी की कहानी में सबसे महत्वपूर्ण चीज कई बार कोई physical action नहीं, बल्कि किसी आंदोलन का निर्णय, किसी कानून का विरोध, सत्याग्रह या अहिंसा का रास्ता चुनना था।

इसलिए गांधी की comics में historical events स्वयं narrative का काम करते हैं। चंपारण से लेकर असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और स्वतंत्रता आंदोलन तक उनके जीवन में इतनी महत्वपूर्ण घटनाएँ थीं कि comic creators के सामने समस्या कहानी की कमी की नहीं, बल्कि यह तय करने की थी कि सीमित pages में किन घटनाओं को जगह दी जाए।

यही वजह है कि biography comic को सीधे इतिहास की किताब का illustrated version मानना सही नहीं होगा। Comic creator को घटनाओं का चयन करना पड़ता है और फिर उन्हें panels, expressions, captions और dialogues में बदलना पड़ता है। इस प्रक्रिया में पाठक को गांधी के जीवन का एक चुना हुआ narrative मिलता है।

Campfire की ‘Gandhi: My Life Is My Message’
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इसके बाद गांधी पर Indian publishing industry में एक अलग तरह की graphic biography सामने आती है—Gandhi: My Life Is My Message। इसे Jason Quinn ने लिखा और Sachin Nagar ने illustrate किया। यह Campfire द्वारा प्रकाशित graphic novel है और Penguin Random House के catalogue में इसकी publication date 4 March 2014, 212 pages और ISBN 9789380741222 दर्ज है।

इस किताब की खासियत इसका पूरा-life biography format है। कहानी गांधी के बचपन से शुरू होकर उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों से गुजरती है और assassination तक पहुँचती है। यानी यह किसी एक आंदोलन या गांधी के जीवन के किसी एक phase पर आधारित comic नहीं, बल्कि उनके पूरे जीवन को graphic biography के रूप में समेटने की कोशिश है।

Campfire की यह किताब यह भी दिखाती है कि Gandhi की कहानी को graphic novel के रूप में सिर्फ historical education के लिए नहीं, बल्कि younger readers के लिए accessible storytelling के रूप में भी तैयार किया गया।

Scholastic India की ‘Great Lives: Mohandas Karamchand Gandhi’
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Gandhi पर एक और महत्वपूर्ण graphic biography Scholastic India ने प्रकाशित की। इसका नाम है Great Lives: Mohandas Karamchand Gandhi। FICCI के rights catalogue में इसे स्पष्ट रूप से Non-fiction – Graphic Novel के रूप में दर्ज किया गया है। इसकी author Aditi De हैं और publisher Scholastic India Pvt. Ltd.; publication year 2015 दिया गया है।

इस किताब की storytelling में text और panel art दोनों का इस्तेमाल किया गया। इसका narrative गांधी के बचपन के “Monia” से शुरू होकर उनके Mahatma बनने तक की यात्रा को देखता है। यानी यहाँ भी graphic format का इस्तेमाल सिर्फ घटनाओं को illustrate करने के लिए नहीं, बल्कि biography को younger readers के लिए अधिक accessible बनाने के लिए किया गया।

दिलचस्प बात यह है कि Scholastic के हालिया catalogue में भी यह title Great Lives: Mohandas Karamchand Gandhi के नाम से मौजूद है। Catalogue में 144 pages और ISBN 9789351039938 दर्ज हैं।

एक गांधी, लेकिन अलग-अलग comic formats

इन publications को एक साथ देखने पर एक महत्वपूर्ण अंतर सामने आता है। Amar Chitra Katha ने गांधी को अपनी historical comics की established visual tradition में रखा। Publications Division की Gandhi Katha ने सरकारी प्रकाशन के माध्यम से उनकी biography को graphic novel format में पेश किया। Campfire ने इसे एक विस्तृत graphic biography के रूप में प्रकाशित किया, जबकि Scholastic ने इसे अपनी Great Lives non-fiction graphic novel series का हिस्सा बनाया।

इसलिए “गांधी पर कितनी comics बनी हैं?” का जवाब केवल अलग-अलग titles गिनने से पूरी तस्वीर नहीं देता। एक ही मूल विषय—गांधी का जीवन—को अलग publishers ने अलग format, audience और storytelling approach के साथ प्रस्तुत किया है। इसके अलावा एक ही work के अलग-अलग language editions भी हैं, इसलिए titles की संख्या और editions की संख्या को अलग-अलग समझना जरूरी है।

क्या ये सभी ‘Indian Comics’ हैं?

यहाँ एक और distinction जरूरी है। गांधी पर बनी हर graphic biography को एक ही category में डालना सही नहीं होगा। कुछ works Indian publishers द्वारा प्रकाशित हैं, कुछ Indian language editions में हैं, और कुछ international creators की biographies हैं जिन्हें भारतीय market में भी प्रकाशित किया गया।

उदाहरण के लिए Campfire की Gandhi: My Life Is My Message और Scholastic India की Great Lives: Mohandas Karamchand Gandhi Indian publishing ecosystem का हिस्सा हैं। वहीं किसी विदेशी creator की Gandhi manga या graphic biography को “Indian comic” कहना अलग बात होगी। इसलिए भारतीय comics पर research करते समय Indian publisher, Indian creator, Indian edition और Indian-origin comic जैसी categories को अलग रखना जरूरी है।

गांधी की comics सिर्फ biography नहीं हैं

गांधी पर बनी इन comics और graphic novels को पढ़ने का एक दूसरा तरीका भी है। ये सिर्फ यह नहीं बतातीं कि गांधी के जीवन में क्या हुआ; ये यह भी दिखाती हैं कि अलग-अलग समय में publishers और creators ने गांधी को किस तरह visualise किया।

2007 में प्रकाशित Karline McLain का research इसी वजह से महत्वपूर्ण है। इसमें Gandhi comics के text और images के relationship के साथ-साथ Gandhi की memory और non-violence की representation पर भी चर्चा की गई है। यानी गांधी की comics को केवल बच्चों की biography मानने के बजाय popular culture और historical representation के नजरिए से भी देखा जा सकता है।

गांधी और भारतीय कॉमिक्स की कहानी अभी भी दिलचस्प क्यों है?

महात्मा गांधी भारतीय इतिहास के उन व्यक्तित्वों में हैं जिनकी public image दशकों से किताबों और सरकारी दस्तावेजों से लेकर फिल्मों, posters और cartoons तक अलग-अलग माध्यमों में बनाई और दोहराई जाती रही है। Comics इस visual tradition का एक हिस्सा हैं, लेकिन उनकी अपनी खासियत है—वे इतिहास को sequential images, captions और dialogues के माध्यम से कहानी में बदलती हैं।

Amar Chitra Katha के 1989 के दो issues से लेकर Publications Division की Gandhi Katha, Campfire की Gandhi: My Life Is My Message और Scholastic की Great Lives: Mohandas Karamchand Gandhi तक हमें एक ही व्यक्तित्व की कई graphic interpretations दिखाई देती हैं। इन सभी को साथ रखकर देखने पर गांधी की biography से ज्यादा एक दूसरी कहानी सामने आती है—भारत में historical personalities को comics के माध्यम से कैसे याद किया गया और नई पीढ़ियों तक पहुँचाया गया।

और शायद यही गांधी और Indian Comics के रिश्ते को interesting बनाता है। गांधी को comic में दिखाना सिर्फ उनके जीवन को चित्रों में बदलना नहीं था; यह इतिहास को एक ऐसे माध्यम में दोबारा गढ़ना था जिसे पाठक पढ़ने के साथ-साथ देख भी सकता है।