
गौतम यादव का नया कदम: ‘Mad Dog Publication’ की शुरुआत, पहला प्रोजेक्ट होगा हॉरर-थ्रिलर ‘अरण्य’
भारतीय इंडिपेंडेंट कॉमिक्स इंडस्ट्री में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। ‘विचित्र पुराण’ जैसी चर्चित हॉरर कॉमिक्स के लेखक गौतम यादव ने अपने नए इंडिपेंडेंट पब्लिकेशन हाउस ‘Mad Dog Publication’ की आधिकारिक शुरुआत कर दी है।
अक्सर देखा जाता है कि कॉमिक्स पब्लिशिंग के दौर में राइटर्स और पब्लिशिंग हाउसेज के बीच ‘क्रिएटिव डिफरेंस’ के चलते कहानियों का मूल स्वरूप बदल जाता है। इसी से इतर, अपनी कहानी और विजन को बिना किसी समझौते के पाठकों तक पहुँचाने के मकसद से गौतम यादव ने यह कदम उठाया है।
क्रिएटिव फ्रीडम और सही आर्ट का तालमेल
गौतम यादव का मानना है कि किसी भी कहानी—विशेषकर हॉरर और थ्रिलर जॉनर—को सही रूप में पन्नों पर उतारने के लिए लेखक के विजन और आर्टिस्ट की शैली में सटीक तालमेल होना बेहद जरूरी है। पब्लिशिंग हाउस की शर्तों और दबावों से अलग होकर काम करने से लेखक को अपनी सोच के मुताबिक आर्टिस्ट चुनने और पूरी कहानी पर कंट्रोल रखने का मौका मिलता है। Mad Dog Publication की नींव इसी सोच पर रखी गई है।
‘अरण्य: अध्याय एक (आरंभ खंड)’ से होगा डेब्यू
Mad Dog Publication का पहला फ्लैगशिप प्रोजेक्ट ‘अरण्य : अध्याय एक (आरंभ खंड)’ होने वाला है। हाल ही में सामने आए इसके टीज़र आर्टवर्क ने कॉमिक्स प्रेमियों का ध्यान खींचा है।
- कथानक और माहौल: कहानी घने जंगल और एक रहस्यमय शिकार के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ इंसानी साजिश और अनसुने खतरों का ताना-बाना बुना गया है।
- विजुअल ट्रीटमेंट: टीज़र आर्टवर्क में डार्क, ग्रिटी और एटमॉस्फेरिक टोन्स का इस्तेमाल किया गया है, जो हॉरर के माहौल को गहराई से पेश करता है।

इंडी-कॉमिक्स जगत के लिए अहम मोड़
भारतीय कॉमिक्स इंडस्ट्री में इंडिपेंडेंट क्रिएटर्स का खुद आगे आकर पब्लिशिंग का जिम्मा संभालना एक सकारात्मक बदलाव है। हालांकि खुद का पब्लिकेशन चलाना—जिसमें प्रिंटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग की चुनौतियाँ शामिल हैं—एक कठिन रास्ता है, लेकिन अगर कहानी और आर्ट की क्वालिटी से समझौता न किया जाए, तो यह भारतीय कॉमिक्स के भविष्य के लिए एक बेहतरीन मिसाल कायम कर सकता है।






