
भारतीय कॉमिक्स और ग्राफिक नैरेटिव्स के लिए अगस्त 2026 की शुरुआत एक बड़ी अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि के साथ हुई है। भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक व कलात्मक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाले प्रतिष्ठित ‘इंडो-फ्रेंच रेजीडेंसी प्रोग्राम’ (Indo-French Residency Programme 2026-2027) के चौथे संस्करण के विजेताओं की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।
इस साल चुने गए 35 भारतीय और फ्रेंच आर्टिस्ट्स में ग्राफिक स्टोरीटेलिंग (Graphic Storytelling) और कॉमिक्स आर्ट को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
1. अंगौलेम और ल्योन (France) में भारतीय क्रिएटर्स का जलवा
यूरोप में कॉमिक आर्ट के सबसे बड़े केंद्र माने जाने वाले अंगौलेम (Angoulême) और ल्योन (Lyon) में भारत के अग्रणी कॉमिक बुक्स व ग्राफिक नॉवेल क्रिएटर्स अपने प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे:
- चारबाक दीप्त (Charbak Dipta) और मिया जोस (Mia Jose): अंगौलेम स्थित प्रतिष्ठित कॉमिक्स सेंटर में अपनी आगामी अंतर्राष्ट्रीय ग्राफिक नॉवेल्स पर काम करेंगे।
- विद्युत सभानी (Vidyun Sabhaney): भारतीय विजुअल नैरेटिव्स और कॉमिक्स रिसर्च में उनके योगदान को देखते हुए रेजीडेंसी में शामिल किया गया है।
- देबांग्शु मौलिक (Debangshu Moulik): फ्रांस के ल्योन शहर में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध साहित्यिक और कॉमिक्स फेस्टिवल्स में भारतीय कॉमिक आर्ट का प्रतिनिधित्व करेंगे।
2. ग्लोबल पब्लिशिंग में भारतीय ‘ग्राफिक आर्ट’ की मांग
फ्रांसीसी राजदूत और आयोजकों के अनुसार, इस रेजीडेंसी प्रोग्राम के लिए इस बार रिकॉर्ड 540 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। यह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय लोककथाओं, सामाजिक विषयों और स्वदेशी विजुअल शैलियों (Visual Styles) पर आधारित ग्राफिक नॉवेल्स की मांग अब अंतर्राष्ट्रीय पब्लिशिंग हाउस और कॉमिक्स फेस्टिवल्स में तेज़ी से बढ़ रही है।
3. भारतीय इंडी पब्लिशिंग के लिए नए रास्ते
भारतीय कॉमिक्स इंडस्ट्री के विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स मिलने से न केवल इंडिपेंडेंट (इंडी) पब्लिशर्स को अंतर्राष्ट्रीय पब्लिशिंग डील्स मिलेंगी, बल्कि भारत में ‘ग्राफिक नोवेल’ (Graphic Novel) कल्चर को भी नई मजबूती मिलेगी। अमर चित्र कथा और राज कॉमिक्स के पारंपरिक फॉर्मेट्स के साथ-साथ अब भारतीय लेखक आधुनिक, गंभीर और विविध विषयों पर कॉमिक्स रचकर वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।






